भारत के विश्वविद्यालयों में फिर नंबर-1 सार्वजनिक विश्वविद्यालय बनी रही DU, रिसर्च, सस्टेनेबिलिटी और रोजगार क्षमता के पैमानों पर दर्ज किया सुधार
नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक बार फिर वैश्विक उच्च शिक्षा जगत में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। QS World University Ranking 2027 में DU की रैंकिंग 328 से सुधरकर 322 हो गई है। यानी विश्वविद्यालय ने एक वर्ष में 6 स्थानों की बढ़त दर्ज की है।
रैंकिंग के ताजा संस्करण में दुनिया भर के 106 देशों के 1,500 से अधिक विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय न केवल भारत के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, बल्कि देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में सातवें स्थान पर भी कायम है।
DU प्रशासन के अनुसार विश्वविद्यालय का कुल स्कोर भी पिछले वर्ष के 42.6 से बढ़कर 43.8 हो गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक विश्वविद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
रिसर्च और सस्टेनेबिलिटी में सबसे बड़ी छलांग
इस बार DU का सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन रिसर्च के क्षेत्र में देखने को मिला। ‘साइटेशन प्रति फैकल्टी’ इंडिकेटर में विश्वविद्यालय ने 85 स्थानों की छलांग लगाई है। यह संकेत देता है कि विश्वविद्यालय में हो रहा शोध अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पढ़ा और उद्धृत किया जा रहा है।
वहीं सस्टेनेबिलिटी इंडिकेटर में DU ने 57 स्थानों का सुधार दर्ज करते हुए अपनी रैंक 297 से 240 तक पहुंचा दी। पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में यह विश्वविद्यालय की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।
रोजगार के अवसरों में भी मजबूत प्रदर्शन
एम्प्लॉयर रेप्युटेशन इंडिकेटर में भी DU ने 15 स्थानों की बढ़त दर्ज की है। इसका अर्थ है कि देश और विदेश के नियोक्ताओं के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की स्वीकार्यता और भरोसा बढ़ा है।
भारत के संस्थानों के बीच रोजगार परिणाम (Employment Outcomes) के मामले में DU दूसरे स्थान पर रहा। वहीं इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क में चौथा और एकेडमिक रेप्युटेशन में छठा स्थान हासिल किया।
क्या बोले कुलपति?
Yogesh Singh ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर DU की बढ़ती पहचान विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
छात्रों के लिए क्या मायने?
रैंकिंग में सुधार का सीधा असर विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान, विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग, रिसर्च अवसरों और छात्रों की रोजगार क्षमता पर पड़ता है। ऐसे में DU के छात्रों और भावी अभ्यर्थियों के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में लगातार वैश्विक रैंकिंग में सुधार के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय यह संकेत दे रहा है कि वह केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों की दौड़ में भी अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

