दिल्ली विश्वविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा रविवार सुबह उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार में लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास तेज़ाब से झुलस गई, जब उसके कथित पीछा करने वाले जितेंद्र और उसके दो साथियों ने उस पर हमला कर दिया। छात्रा ने अपना चेहरा बचाने की कोशिश की और उसके हाथ भी जल गए। अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब वह खतरे से बाहर है।
पुलिस ने तीन आरोपियों, जिनकी पहचान जितेंद्र, ईशान और अरमान के रूप में हुई है, की तलाश शुरू कर दी है। महीनों से कथित तौर पर पीछा करने और उत्पीड़न के बाद हुए इस हमले ने परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और छात्रों व समाज द्वारा एसिड हमले के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है।
हमला कैसे हुआ
रविवार की सुबह, जब छात्रा एक्स्ट्रा क्लास के लिए निकली, तो अशोक विहार की एक व्यस्त सड़क पर मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने उसे रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैसे मुख्य आरोपी जितेंद्र, जो पीड़िता का परिचित था और कथित तौर पर शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी था, ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इशान से एक तेज़ाब की बोतल ली, जिसे अरमान ने छात्रा पर फेंक दिया।
वह अपने बैग से एसिड के अधिकांश भाग को रोकने में सफल रही, जिससे उसके दोनों हाथ जल गए, जिससे उसकी जान को कोई खतरा नहीं था। राहगीरों ने उसे तुरंत दीप चंद बंधु अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे विशेष देखभाल के लिए आरएमएल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
चल रही पुलिस जांच और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि छात्रा एनसीवेब (नॉन-कॉलेजिएट विमेंस एजुकेशन बोर्ड) की छात्रा है और स्पष्ट किया कि हमला परिसर के बाहर हुआ था। जाँच अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है और घटनास्थल पर फ़ोरेंसिक टीमें तैनात कर दी गई हैं।
पीड़िता के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। कॉलेज प्रशासन और प्रॉक्टर डॉ. मनराज गुर्जर समेत अन्य अधिकारियों ने बताया कि पास में ही पीसीआर वैन मौजूद होने के बावजूद, ऐसी घटनाएं सार्वजनिक सड़कों पर महिलाओं के सामने लगातार आने वाले खतरों को उजागर करती हैं।
छात्र समूहों और नागरिक समाज की प्रतिक्रिया
इस हमले से दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके बाहर भी आक्रोश फैल गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने और तेज़ाब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ठोस सुधार की मांग की।
डूसू अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि वह लड़का पिछले डेढ़ साल से इस छात्रा को परेशान कर रहा था साथ ही उन्होंने संस्थागत जवाबदेही के साथ-साथ महिला छात्राओं के लिए तत्काल सुरक्षा उन्नयन की मांग की।
एनएसयूआई जैसे छात्र संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाया है, जबकि छात्रा के परिवार ने खुलासा किया है कि पीछा करने की पूर्व की शिकायतों पर बहुत कम कार्रवाई हुई है।
नागरिक समाज और छात्र कार्यकर्ता एसिड हमलों को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत करने पर जोर दे रहे हैं। एसिड की बिक्री पर लंबे समय से कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद, यह अपराध युवा महिलाओं के लिए खतरा बना हुआ है।
तर्कसंगत का दृष्टिकोण
यह चौंकाने वाला मामला एक बार फिर पीछा करने, पीड़ितों की सुरक्षा और खतरनाक रसायनों की आसानी से प्राप्ति से निपटने में व्यवस्थागत खामियों को उजागर करता है। हालाँकि पुलिस की गिरफ़्तारी और छात्रों की एकजुटता स्वागत योग्य है, लेकिन सार्थक रोकथाम तभी संभव होगी जब मज़बूत क़ानूनी कार्रवाई और लैंगिक हिंसा को समाप्त करने के सामाजिक संकल्प को मज़बूत किया जाएगा।
प्रश्नोत्तर में समाचार
1. क्या हुआ, कहाँ और कब?
दिल्ली के अशोक विहार स्थित लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास रविवार सुबह एक 20 वर्षीय द्वितीय वर्ष की छात्रा पर तीन लोगों ने तेजाब से हमला किया, जब वह अतिरिक्त कक्षा के लिए जा रही थी।
2. हमलावर कौन थे और पीड़ित से उनका क्या संबंध था?
मुख्य आरोपी जितेंद्र, मुकुंदपुर निवासी और पीड़िता का पीछा करने वाला जाना जाता है। कथित तौर पर उसके साथ उसके दोस्त ईशान और अरमान भी थे। जितेंद्र कथित तौर पर पीड़िता को एक साल से ज़्यादा समय से परेशान और परेशान कर रहा था, और हाल ही में हुए एक विवाद के बाद यह उत्पीड़न और बढ़ गया।
3. हमला कैसे हुआ?
पुलिस और छात्रा के बयान के अनुसार, जितेंद्र और उसके साथी मोटरसाइकिल पर आए, और इशान ने तेजाब की बोतल अरमान को थमा दी, जिसने फिर उस पर हमला कर दिया। छात्रा ने तुरंत अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया, जिससे वह झुलस गई, लेकिन उसके चेहरे पर कोई चोट नहीं आई। हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गए।
4. अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की और अधिकारी क्या कह रहे हैं?
दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की एसिड अटैक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और फोरेंसिक टीमों के साथ घटनास्थल का दौरा किया। जाँच जारी है।
5. छात्र समूहों और जनता ने कैसी प्रतिक्रिया दी है?
इस घटना से बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया है और डूसू के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्रों ने खुलेआम एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, पीड़िता को तुरंत न्याय और परिसर व सड़क पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की मांग की है। एनएसयूआई और अन्य संगठनों ने भी इन मांगों को दोहराया है और राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा में लगातार खामियों की ओर इशारा किया है।

