द्वारका में निकली सद्भावना शांति यात्रा, सत्संग में अध्यात्म का दिया संदेश

नई दिल्ली, 2 अगस्त। मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित प्रियंका पार्टी हॉल में सद्भावना शांति यात्रा एवं सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्था के प्रणेता एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद के साथ निकाली गई सद्भावना शांति यात्रा से हुई। यात्रा ने आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए राम नाम का संदेश दिया और इसके बाद प्रियंका पार्टी हॉल में सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पूर्व समिति द्वारा द्वारका सेक्टर-10 में शोभायात्रा निकालने के साथ एक पार्क में वृक्षारोपण भी किया गया। सत्संग को संबोधित करते हुए समिति के महासचिव महात्मा सत्यबोधानंद जी ने कहा कि मनुष्य जो कुछ अपनी आंखों से देखता है, वही अंतिम सत्य नहीं है। उन्होंने कहा कि परमात्मा के अविनाशी तत्व का ज्ञान प्राप्त कर भजन-सुमिरण करना ही मानव जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि प्रवचन के माध्यम से सत्संग के वास्तविक स्वरूप को समझने की प्रेरणा मिलती है और ईश्वर का स्मरण हर व्यक्ति के लिए, हर समय और हर स्थान पर सुलभ है। महात्मा सत्यबोधानंद जी ने विभिन्न धर्मग्रंथों और उदाहरणों के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार मेहंदी में रंग, दूध में घी और पानी में बिजली छिपी होती है, उसी प्रकार परमात्मा भी प्रत्येक मनुष्य के हृदय में विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि तत्वदर्शी सद्गुरु से दीक्षा लेकर भजन-सुमिरण के माध्यम से ईश्वर का साक्षात्कार किया जा सकता है। कार्यक्रम में समिति के मंत्री आनंदी प्रसाद, महात्मा रत्नावली बाई एवं संगीता बहन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित संत-महात्माओं का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में संयोजक अनिल गुप्ता, जिला प्रधान लक्ष्मी लाम्बोज, जिला सचिव पुष्पा देवी, मानव सेवा दल के डायरेक्टर आनंद कुमार, मानव सेवा दल दिल्ली के प्रांतपाल राम कुमार, पश्चिमी दिल्ली के जिला प्रमुख उपदेश सूर्यवंशी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन शंकर शर्मा ने किया। अंत में आरती, प्रसाद वितरण एवं भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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