DU सत्याग्रह चौथे दिन भी जारी, भूख हड़ताल दूसरे दिन में; छात्रों ने प्रशासन पर अनदेखी का लगाया आरोप

नई दिल्ली | 30 जुलाई 2026 दिल्ली विश्वविद्यालय में चल रहा 'DU सत्याग्रह' गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को दो दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। डूसू (DUSU) उपाध्यक्ष राहुल झाँसला द्वारा जारी प्रेस बयान में दावा किया गया है कि कुलपति के प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित भी पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवा सरकार और विश्वविद्यालयों में नियुक्त अधिकारियों से जवाबदेही मांग रहे हैं। राहुल झाँसला ने अपने बयान में आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रतिदिन दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने कुलपति पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा, छात्र संघ उपाध्यक्ष कार्यालय की ओर से आंदोलन में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रयोग की सराहना करते हुए 'लेटर ऑफ अप्रिशिएशन' (Letter of Appreciation) जारी करने की जानकारी भी दी गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल DU सत्याग्रह को लेकर कोई नया आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से छात्रों से उस प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की थी और उसे अवैध प्रदर्शन बताया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए उस प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद से विश्वविद्यालय की ओर से इस आंदोलन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रशासन नहीं चाहता कि यह धरना आगे बढ़े। सूत्रों का यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ने डूसू उपाध्यक्ष राहुल झाँसला से बातचीत कर आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त करने की सलाह दी है। हालांकि, इन दावों की विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आंदोलन की मांगों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत तथा इस आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें बनी हुई हैं.
Previous Post Next Post