एटा। जिले के बिलसरह गांव निवासी और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता भविश्य शाक्य ने शैक्षणिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित कार्डिफ यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ लॉ (LLM) और बैरिस्टर की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की है।
भविश्य शाक्य ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ से एलएलबी की डिग्री हासिल की। विधि के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने यूके की कार्डिफ यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और विधिक अध्ययन के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त की।
कार्डिफ यूनिवर्सिटी में अध्ययन के दौरान उनकी शैक्षणिक प्रतिभा और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें वाइस चांसलर स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई। इसके अलावा वेल्स सरकार की ओर से आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत उन्हें यूके के स्कूलों में विद्यार्थियों से संवाद करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला।
भविश्य शाक्य ने विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें वर्ष 2024-25 के लिए इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट चुना गया। विश्वविद्यालय के करीब 30 से 35 हजार विद्यार्थियों के बीच हुए चुनाव में उन्हें उल्लेखनीय समर्थन मिला। छात्र नेता के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
एटा के छोटे से गांव बिलसरह से शुरू होकर दिल्ली विश्वविद्यालय और फिर यूनाइटेड किंगडम तक का भविश्य शाक्य का सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धि से बिलसरह गांव समेत एटा और उत्तर प्रदेश में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
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